Wednesday, 22 February 2017

अनकही बातें - जो दिल कहे!!!

अनकही बातें - जो दिल कहे..!!!


हजार गलतियाँ दिखी मुझे दूसरों में;
फिर मैंने उन्हें सुधारने के तरीके भी बताये।
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हक्का-बक्का तो, तब रह गया मैं;
जब उन्होंने मुझपे ही उँगली उठाई!!
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फिर बैठा जब मैं खुद की गलतियाँ गिनने
तो वाकई ही खुद में बहुत सी गलतियाँ पाईं!
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सोचा कि चलो; एक बार सुधार लूँ उनको
लेकिन कल-कल करके कभी सुधर ना पाईं।।
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दिल में रोज सुबह जल्द जागने की ख्वाहिश लेकर सोता हूँ।
लेकिन बिन मकसद, सुबह जल्द जागने की ख्वाहिश कभी पूरी हो ना पाई।
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जानता हूँ कि जिंदगी ही देती है मुझे, हर सुबह एक नई जिंदगी।
लेकिन पता नहीं क्यों वो जिंदगी मुझे कभी रास ना आई।
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दिल में तो भरी हैं बहुत ही अच्छी अच्छी बातें
लेकिन ना जाने क्यों उनमें से एक भी अच्छी बात पूरी हो ना पाई।
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कभी मौका मिलता है मुझे तो दूसरों को ज्ञान देने से कभी नहीं चूकता;
लेकिन इम्तिहान तो तब आया जब उसी ज्ञान को पूरा करने की मेरी खुदकी बारी आई।
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ये दुनियां सभी जानती है भली बुरी बातों को
लेकिन न जाने क्यों उसे भली बातों में ख़ुशी नजर ही ना आई।
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दुनियाँ के उसूल ही कुछ अजब है यारो
अजब अनोखे रीतिरिवाज देखकर मेरी तो आँखे भर आईं।
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देखो देखो यारो कितना मुर्ख हूँ मैं
जो दुनियां मुझे अजीब लगती है 
दुःख-दर्द में मैंने उन्हें ही अपनी व्यथा सुनाई।
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अब तो अकेले रहने की आदत डाल रहा हूँ मैं
फिजूल में ही मैंने इस दुनियाँ से प्रीति लगाई।
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अकेला हूँ यारों और अकेला ही रहना चाहता हूँ
इसीलिए तो मैंने कविताओं में अपनी महफिल सजाई, महफिल सजाई, महफ़िल सजाई😢😢.
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इसीलिए तो friends; कभी कभी इंसान इतना थक जाता है कि वह अकेला; सिर्फ अकेला रहना चाहता है।
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ये poem आपको कैसी लगी कृपया अपने commentsके माध्यम से अवश्य बताइयेगा।
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जय हिंद
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इन्हें कविताओं को भी पढ़ें :-
1.Poem - एक अहसास
2.ये जिंदगी है यारो...
3.प्रेरणादायक कविता - जब हम किसी से
4.दुःख इस बात का नहीं कि....

Monday, 13 February 2017

इंसान का मशीनी दिमाग - कुछ भूला कुछ याद रहा

●आज के इंसान का मशीनी दिमाग ना जाने कितनी जगह spread होता है।
आज के इंसान का दिमाग 10 बातों को एक साथ लेकर चलता है और पूरे दिन इसी उधेड़बुन में लगा रहता है कि इन 10 कामों को; एक ही बार में; जल्दी से जल्दी किस तरह finish किया जाए।

वैसे आज के हिसाब से देखा जाए तो "एक तीर से दो निशाने" वाली कहावत वास्तविक सिद्ध नहीं होती।
क्योंकि आज हम सभी लोग एक तीर से दो नहीं बल्कि 10 के 10 निशाने लगाना चाहते हैं।
हम चाहते हैं कि कोई भी काम बस एक बार में हो जाए और फिर उसके बाद हम हो जाएं फ्री।
लेकिन तभी गहरी सोच में डूब जाते हैं कि आखिर ये होगा कैसे...???
और फिर सोचने में ही इतना time spend कर देते हैं जितना कि काम करने में नहीं लगता।
so that friends; किसी भी काम के बारे में सोचो कम और करो ज्यादा।
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●आज हम सभी जानते हैं कि google सभी समस्याओं का solution है।
जैसे कि :-
★किसी place की जानकारी चाहिए होती है तो गूगल;
★किसी व्यक्ति की जीवनी पढ़नी होती है तो गूगल;
★किसी चीज का full form चाहिए होता है तो गूगल...आदि।
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आज हम सभी लोगों ने अपना दिमाग चलाना ही बंद कर दिया है।
जैसे कि - किसी चीज का full form चाहिए होता है तो तुरंत google पर search करते हैं और full form मिलते ही वहां से quit कर जाते हैं ना कि उस full form को बार-बार rewind करके अपने mind में save करते हैं।
फिर कुछ दिनों या महीनों बाद उसी चीज का full form फिर चाहिए होता है तो दिमाग में ये आता जरूर है कि इसका full form मैंने पहले पढ़ा था लेकिन याद नहीं आ रहा; ये सोचते हुए अपनी उँगलियाँ automatic ही google पर typing करने लगती हैं।
और full form मिलते ही अनायास ही दिल से निकलता है; ओहो तो ये था!!! तबसे याद क्यों नहीं आ रहा था???
अरे!कैसे आएगा भाई!!!
आपने उस time; full form को सिर्फ देखा था; ना कि carefully पढ़ा था।
तो friends, इस तरह हम google पर कोई भी जानकारी सिर्फ सरसरी निगाहों से देखते ही हैं ना कि carefully पढ़ते हैं।
फिर जितनी बार उस चीज की जानकारी चाहिए होती है तो mind पर कम और google पर ज्यादा जोर देते हैं।
यही छोटे-छोटे लक्षण ही तो दर्शाते हैं कि हम अपने mind पर बिल्कुल भी जोर देना नहीं चाहते..!!!
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●पहले जब मोबाइल फ़ोन इतने ज्यादा spread नहीं थे तो हम सभी अपने relatives के मोबाइल नंबर भी जुबानी याद रख लेते थे।
लेकिन जब से smart phones ने सबकी pocket में अपना कब्जा किया है तब से हमें relatives के तो क्या? अपनी secondary sim के मोबाइल नंबर भी याद नहीं रहते!
क्योंकि अब किसी के मोबाइल नंबर याद करना हमें waste of time ही लगता है।
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देखा जाए तो ये बातें बहुत छोटी हैं लेकिन सोचा जाए तो बहुत बड़ी।
क्योंकि जब कभी अगर गलती हमारा मोबाइल गुम हो जाए तो सबसे पहली फिक्र हमें data और contacts की ही रहती है।
इसीलिए अंत में मैं इस article से सम्बंधित सिर्फ तीन बातें ही कहना चाहूंगा...!!!

👉1.अगर दो मिनट का काम हो तो दस मिनट सोचने में ना लगाएं मतलब सोचो कम और करो ज्यादा।
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👉2.google पर कोई भी चीज search करते वक्त उसे सिर्फ देखो मत बल्कि carefully पढ़ो।
मैं तो यहाँ तक कहता हूँ कि उसे तब तक rewind करो जब तक कि हमें ये ना लगने लगे कि अब तो ये lifetime के लिए हमारे mind में save हो गई हैं।
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👉3.हम पहले की तरह ही अपने सभी नहीं तो close relatives और friends के mobile number तो जुबानी याद रख ही लें ताकि मोबाइल गुम या कोई घटना हो जाने पर किसी के मोबाइल से भी तुरंत dial कर सकें।
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अगर आपको ये Article पसंद आया हो तो commentऔर share करना ना भूलें...!!!
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जय हिंद
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इन्हें भी पढ़ें :-
1.कहानी - नई सीख
2.कहानी - किसान पिता की दुविधा
3.The worship of God
4.inspire from 3 idiots movie

Tuesday, 24 January 2017

Poem - एक अहसास

Poem - एक अहसास

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जब लगे ठोकर किसी पत्थर से आपको
तो उसे उठाकर किनारे कर देना
ताकि फिर दूसरी ठोकर लगने से बच जाएँ सभी..!!!
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जब आये कोई घर आपके तो उसका भरपूर स्वागत कर देना
ताकि आप अतिथि देवो भव को साकार रूप दे सको...!!!
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जब अँधेरा छा जाए आपकी जिंदगी में तो कुछ समय के लिए धैर्य रख लेना
ताकि भगवान आपकी जिंदगी में ठीक से उजाला कर सके...!!!
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जब बोरिंग लगे कभी जिंदगी में तो अपनी मनपसंद किताब पढ़ लेना
ताकि समय व्यतीत होने के साथ ही आपको ज्ञान भी मिल सके...!!
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जब कोई खाश चला जाये आपसे दूर तो उसे हर हालात में अपने पास बुला लेना
ताकि वो आपकी लाइफ के टॉप सीक्रेट किसी को ना बता सके...!!!
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जब अहसास हो तुम्हें अपने स्वार्थी स्वभाव का तो उसमें सुधार अवश्य कर लेना;
ताकि आप लोगों के मुँह से "स्वार्थी" जैसा बुरा शब्द सुनने से बच सकें...!!!
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जब लगे आपको कि आज आपने किसी का दिल दुखाया है तो अपने ईगो को साइड में रख; उससे माफ़ी मांग लेना;
ताकि आप उसकी नजर में हमेशा के लिए रहमदिल बन सको...!!!
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बातें तो बहुत हैं कहने को लेकिन सभी लोग उनका अनुसरण नहीं कर सकते...!!!
इसलिए ये वो lines हैं जिन्हें follow करने के बाद आपका एक अलग ही व्यक्तित्व उभरेगा।।!!
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SO Friends; ये poem आपको कैसी लगी कृपया अपने comments के माध्यम से अवश्य बताइयेगा।
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जय हिंद...
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इन poems को भी पढ़ें :- 
01.ये जिंदगी है यारो...
02.जब हम किसी से...
03.हम दुनियाँ से...
04.दुःख इस बात का नहीं कि....

Sunday, 22 January 2017

एक माँ की परेशानी

कहानी :- जिसमें आप मिलेंगे खुद से...

एक माँ की परेशानी...

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सोनू महज 12 वर्ष का होगा ; वो खूब खाता पीता भी है और अपनी माँ की प्रत्येक बात को मानता भी है लेकिन जब उसकी माँ उसको रोज शाम को दूध से भरा गिलास देती हैं तो वह ऐसे मुँह बना लेता है जैसे कि माँ उसे दूध नहीं बल्कि कोई कड़वी दवा मिलाकर पिला रही हों।

खैर, सोनू सब जानता है कि दूध सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक होता है लेकिन क्या करे...?? वह उसे अच्छा ही नहीं लगता।
कभी कभी तो वह माँ से दूध का गिलास लेकर साइड में रख देता है और माँ से बोल भी देता है कि अभी पी लूंगा; माँ जब-जब सोनू को इस तरह दूध देकर गईं थीं तब-तब सोनू ने उस दूध को कभी नहीं पिया।
वो सुबह तक बस यूँ ही रखा रहता जब तक कि उसकी मां उसे सुबह उठाने के लिए उसके रूम में नहीं जाती।
जैसे ही माँ दूध से भरा गिलास सुबह देखती तो थोड़ा खीझ उठतीं और उसे उठाते हुए कहतीं कि तुमने कल रात दूध क्यों नहीं पिया था..??
सोनू भी आँखे मलते हुए कोई बहाना खोज लेता और कहता ओहो माँ वो मैंने रात को पढ़ाई की थी ना सो याद नहीं रहा...sorry.
माँ उसकी sorry को सुनकर उसे माफ कर देती लेकिन मन ही मन सोचती कि पता नहीं कभी इसे दूध अच्छा लगेगा भी या नहीं लेकिन एक बात तो तय है कल से मैं इसके रूम में दूध रखूंगी नहीं बल्कि जब तक ये दूध पी नहीं लेता तब तक वहीँ बनी रहूंगी।
और इधर सोनू भी सोचता कि पता नहीं मुझे ये दूध कब अच्छा लगेगा..??
और फिर एक दिन ऐसा आ ही गया कि माँ और बेटे दोनों की ही मुराद पूरी हो गई।
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दरअसल सोनू को dance करना और cartoon देखने का बड़ा शौक है लेकिन अगर बात फिल्मी hero की की जाए तो उसे tiger shroff बहुत ही पसंद है।
सोनू अपने star tiger से मिलना चाहता था; लेकिन कैसे...???
आखिर उसे वो मौका मिल ही गया जब उसे पता चला कि अगले dance competition में tiger shroff guest हैं तो उसने भी अपनी माँ से dance competition में हिस्सा लेने की बात जाहिर की।
वैसे सोनू बहुत ही अच्छा dance करता था और regular ही practice भी किया करता था तो माँ की भी ना कहने की इच्छा नहीं हुई।
और दोनों पहुँच गए dance competition में।
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खैर; सोनू उस dance competition में कोई खाश performance तो नहीं कर पाया लेकिन आखिर में उसे अपने favorite star tiger से बात करने का मौका जरूर मिल गया।
उसने बस ऐसे ही tiger से उनकी सेहत का राज पूछा तो tiger ने भी normal तरीके से उसका जवाब दे दिया कि वो शाम को दूध और फल अवश्य खाते हैं।
फिर 2-4 नॉर्मल बातें करके सोनू और माँ अपने घर वापस आ गए।
माँ थोड़ी उदास थी क्योंकि उसका बेटा competition में नहीं जीत सका लेकिन सोनू बहुत खुश था क्योंकि वह तो बस अपने favorite star को देखना और उनसे बातें करना चाहता था।
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खैर, रोजाना की तरह माँ फिर से सोनू के लिए दूध का गिलास लेकर आई।
आज दूध से भरा गिलास देखकर ही सोनू का चेहरा खिल उठा लेकिन ये क्या पल भर में उतर भी गया।
उसने थोड़ा हैरानी के साथ माँ से कहा कि आज कुछ फल भी तो लेकर आतीं।
तो माँ ने भी हैरानी से कहा - क्यों मैं रोजाना सिर्फ दूध ही तो देती हूँ..!!
सोनू बोला :- अरे माँ आप शायद ध्यान भूल गईं कि tiger ने क्या कहा था..???
सोनू के मुंह से tiger का नाम सुनकर ही माँ को सब कुछ याद आ गया।
माँ :- लेकिन बेटे आज फल तो घर में हैं नहीं..!!!
सोनू :- अरे कोई बात नहीं माँ..!!! लेकिन कल से ध्यान रखना; और हाँ कल से दूध भी सिर्फ एक गिलास ही नहीं बल्कि दो गिलास देना..😊😊
ये सुनकर ही माँ को इतनी खुशी का एहसास हुआ कि मानो उसने बहुत बड़ा खजाना पा लिया हो।
माँ सोनू से प्यार भरी मुस्कान से बोली :- हाँ क्यों नहीं...अवश्य दूँगी।
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और फिर दूसरे दिन से ही माँ सोनू को एक नहीं बल्कि दो गिलास दूध और फल देने लगी और सोनू भी अब दूध को बोझ मानकर नहीं बल्कि tiger जैसा बनने के लिए पीता था😊😊😊
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तो friends ये तो रही सोनू और उसकी माँ की कहानी।
वैसे ऐसी ही हम सबकी कहानियां हैं।
हम भी किसी न किसी बात में अपने माँ-बाप या फिर किसी ऐसे करीबी व्यक्ति की बातों को ignore कर देते हैं; जो वाकई ही हमारे हित में होती हैं ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम उनकी बातों को बोझ समझते हैं।
जबकि वही बात हमारे किसी favorite star या फिर किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा बोली जाए जिसे हम अपना idol (आदर्श) मानते हैं तो उसी बात को हम ऐसे follow करते हैं जैसे कि हमारी जिंदगी में बस यही बात मायने रखती है।
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वैसे हमारे अंदर भी अच्छी बातों का असीमित भंडार भरा हुआ है लेकिन हम उसका उपयोग नहीं करते क्योंकि हम भी कहीं न कहीं सोनू की तरह अपने idol की बात मानने का इन्तजार करते हैं।
और idol भी वही सलाह देते हैं जो हम पहले से जानते हैं लेकिन मानते नहीं।
जरा सोचें...!!!
ऐसा क्यों...???
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इस article को लिखने का यही उद्देश्य है कि जरुरी नहीं कि हम हमेशा अपने idol द्वारा कही गई बातें ही मानें हम हमेशा वो ही बातें मानें जो वाकई ही सही है फिर चाहे वो बात हमारे idol द्वारा कही गई हो या फिर किसी अजनबी द्वारा...!!!
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So friends, इस ब्लॉग के thought आपको कैसे लगे कृपया comments के माध्यम से मुझे अवश्य बताइयेगा और हाँ जितना हो सके इस ब्लॉग को follow कीजियेगा।
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जय हिंद।
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इन्हें भी पढ़ें :-
01.किसान पिता की दुविधा
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02.माँ के लिए वास्तविक और दिखावटी प्रेम
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03.एक कदम आगे
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04.जरा सोचें...!!! क्यों हम अच्छी बातों को follow नहीं कर पाते..??

Monday, 2 January 2017

ये जिंदगी है यारो...

ये जिंदगी है यारो...




ये जिंदगी है यारो, यहाँ मौका बार-बार नहीं मिलता।
जो लोग कल की सोचकर काम करते हैं उन्हें वो कल ही नहीं मिलता।।
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मत देख बार बार आईने में अपना चेहरा ए गालिब!!!
क्योंकि खूबसूरती को आईने की जरुरत नहीं होती।
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दूसरों से गुरुर में रहकर बात करते हैं कुछ लोग
शायद कभी उन्हें, उनके गुरु से पाला नहीं पड़ा।
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मत दुखाओ किसी मासूम इंसान का दिल साहिब,
हमेशा याद रखना कि किसी के लिए मासूम तुम भी हो!!!
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जब हो जाए कोई गलती तो बेकार में खुद से मत लड़ना
हमेशा याद रखना कि तजुर्बे तो गलतियों से ही मिलते हैं।
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जब हो जाए गलती किसी दूसरे से, तो उसे भी माफ़ कर देना,
सोच लेना उस वक्त कि जिंदगी तजुर्बे तो उसे भी दे रही है।
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मत बताना हर किसी को अपने दिल का हाल ए गालिब
क्योंकि आप बताकर भूल जाओगे और वो सुनकर याद रख लेंगे
और क्या पता आपकी सुनाई हुई बातें; सब आपको ही सुनाकर; आप पर रौब झाड़ लेंगे।।
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अच्छा किया खुदा ने जो हम कुछ बातों को याद करके भूल जाते हैं
क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो हम अपने पुराने दुखों को लेकर हर वक़्त दुखी ही बने रहते!!
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दुनियां में किसी के लिए सबसे बुरी चीज किसी के लिए सबसे अच्छी हो सकती है!!!
अब 'सुबह' को ही ले लो..!!!
कोई सुबह ना होने का इन्तजार करता है ताकि वो और समय बिस्तर पर गुजार सके..!!!
तो कोई सुबह होने का ही इन्तजार करता है ताकि वो चिड़ियों की मीठी चहचहाट को सुन सके..!!
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जो चीज वाकई अच्छी है तो उसकी तारीफ करो यारो
क्योंकि अच्छी चीजों से जलते तो बुरे इंसान हैं लेकिन हम तो भले हैं...!!!
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आपके भले होने का सबसे बड़ा सुबूत यही है
कि आपने इस poem को पूरा पढ़ा
वरना लोग इन्हें फिजूल की बातें बताकर आगे चले जाते हैं।
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Poem अच्छी लगी हो तो इसे शेयर भी कर देना दोस्तों
क्योंकि अच्छी बातों को शेयर वही लोग करते हैं
जो खुद बदलकर दुनियां में बदलाव चाहते हैं।।
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जय हिंद

Thursday, 29 December 2016

जरा सोचें - एक अनकही कहानी

जरा सोचें - एक अनकही कहानी

अमन अपने कॉलेज में; final year में पढ़ता था।
और वो हमेशा की तरह आये दिन ही मस्ती करता रहता था।
कभी वो अपने junior की ragging करता तो कभी वो अपने कॉलेज की लड़कियों पर भद्दे comments करता।
तो कभी वो किसी लड़की को एकटक होकर घूरता ही रहता।
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खैर; अब उसके कॉलेज की लड़कियों को भी अमन का ये behaviour normal लगने लगा था।
लेकिन जब college में कोई नई लड़की आती तो उसे अमन का ये behaviour बड़ा ही अजीब लगता।
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उसके बारे में सब यही कहते कि ये कब सुधरेगा..??
कोई भला इंसान उसे समझाता भी; तो अमन और उसके दोस्त मिलकर; उसी का मजाक बना देते।
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उसके teachers भी उसकी इन हरकतों से परेशान थे, वो भी कहते कि इस लड़के का कुछ नहीं हो सकता..!!!
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खैर; समय का पहिया घूमते देर नहीं लगती।
ठीक एक बार फिर से समय का पहिया घूमा और अमन की वो loafer type life; change हो गयी।
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सबसे पहले अमन की family से मिलते हैं।

अमन अपनी family के साथ इंदौर में रहता है।और अमन की family में पांच लोग है।
अमन, अमन की माँ, पिता,और दो बहनें; जिनमें से एक की शादी हो चुकी है जो दिल्ली में रहती है जबकि दूसरी बहन उसी की हमउम्र ही है।
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अमन रोजाना की तरह थका हरा अपने college से घर पहुँचा।
घर पहुँचकर उसका चेहरा खिल गया था क्योंकि उसने खुशख़बरी ही कुछ ऐसी सुनी थी।
दरअसल अमन की बड़ी बहन को लड़की हुई थी।
जब उसकी मां और बहन ने अमन को ये खुशखबरी सुनाई तो वह खुशी के मारे उछल पड़ा।
क्योंकि अब उसकी भांजी दुनियां में आ चुकी थी और वह मामा बन चुका था।
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अब अमन को अपनी भांजी का चेहरा देखने की बहुत जल्दी थी।
तो अमन उसी दिन; इंदौर से दिल्ली जाने की जिद करने लगा।
उसकी माँ ने भी; उसे मना नहीं किया लेकिन उन्होंने भी शर्त रख दी कि छोटी बहन को भी साथ ले जाना पड़ेगा।
अमन इस बात पर राजी नहीं हो रहा था क्योंकि वो अकेला ही जाना चाहता था।
माँ के बार-बार बोलने पर उसने हाँ कर दी।
और वो दोनों शाम की train से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
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Train में बहुत भीड़ थी; जिस वजह से उन्हें सीट नहीं मिल पाई।
आगे के स्टेशन पर एक व्यक्ति उनकी birth से उतरा तो सीट पर एक व्यक्ति की जगह खाली हो गई थी जिस पर अमन ने अपनी बहन को बैठा दिया।
और खुद train में खड़ा रहा।
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अचानक अमन की निगाह एक लड़के पर गई जो उसकी बहन को घूर रहा था और वह लड़का ठीक उसी सीट के सामने बैठा था जिस पर अमन की बहन बैठी थी।
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2 मिनट बाद अमन ने फिर देखा लेकिन वह लड़का फिर भी अमन की बहन को घूरे जा रहा था; अमन को ऐसी गुस्सा आ रही थी कि वो उसकी आँखे नोंच ले।
लेकिन फिर भी उसने अपने गुस्से पर काबू किया।
अमन भी एक लड़का था इसलिए वो भाँप गया कि आगे चलकर ये लड़का कुछ ना कुछ हरकत जरूर करेगा।
इसलिए अमन की नजरें उस लड़के की प्रत्येक हरकतों की निगरानी करने लगी थीं।

और अमन ने जो सोचा वो सही निकला अब तो उस लड़के ने हद ही कर दी; ऊपर बैग रखने के बहाने खड़ा हुआ और अपना मोबाइल निकालकर अमन की बहन का फोटो ले लिया।
फोटो लेते समय वो भूल गया कि उसकी flashlight on थी।
अमन ने ये सब देख लिया और उसे पास बुलाते हुए बोला कि भाई फोटो अभी delete कर दे; ठीक रहेगा।
लेकिन वो समझ रहा था कि उसे फोटो लेते हुए किसी ने नहीं देखा तो वह अकड़ते हुए बोला :- फोटो...??? नहीं तो...!!! ये आप क्या बोल रहे हो..??
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अमन ने उसका मोबाइल छुड़ा लिया और फोटो delete करते हुए बोला कि ये क्या था...??
उस लड़के के पसीने छूट गए और माफ़ी मांगते हुए बोला कि गलती हो गई।
खैर; अमन ने उसे माफ़ कर दिया।
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अब वो लड़का अमन की बहन से तो दूर; खुद से नजर नहीं मिला पा रहा था।
वो उस डिब्बे से निकलने के बहाने खोजने लगा था क्योंकि अब वो समझ चुका था कि अब उसकी दाल नहीं गलने वाली।
जैसे ही अमन की नजर उस पर जाती ; उसका चेहरा शर्म से लाल हो जाता।
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खैर, अमन ने यहाँ तो एक भाई होने का फर्ज निभा दिया लेकिन फिर भी वो कहीं न कहीं खुद को guilty feel कर रहा था।
इसलिए नहीं कि उसने उस लड़के को फटकार लगाई; बल्कि इसलिए कि college में वो ऐसा खुद करता था।
अब अमन human behaviour को समझने लगा था; उसने जाना कि किस तरह लड़कियों के घर वाले उन्हें कॉलेज भेजते हैं और किस तरह हम जैसे loafer उनकी नजरें झुका देते हैं।
शायद हम जैसे loafer की वजह से ही कुछ लोग अपनी बेटियों को college में admission कराने से डरते हैं; वो डरते हैं कि हमारी बेटी college में पहुंचकर उन लोफरों का सामना कैसे करेगी..??
शायद हमारी वजह से ही कुछ काबिल लड़कियाँ कॉलेज में admission नहीं ले पातीं।
इन सबके दोषी हम जैसे लड़के ही हैं।
अमन को आत्मबोध हो चुका था और मन ही मन उसने अपना एक status सा बना डाला कि "अब मेरी नजरों की इतनी औकात नहीं कि कभी घूर सके किसी लड़की को; हमेशा याद रहेगा कि खुदा ने एक बहिन मुझे भी दी है।"
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और इस तरह अमन ने खुद की वो loafer type life change कर डाली।
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Friends, अक्सर ऐसा हम भी करते हैं ; जब हम घर से दूर जाते हैं तो अपनी family को भूल जाते हैं, और दूसरों की family हमें आवारा लगने लगती है फिर हम अपने दोस्तों के साथ मिलकर; किसी की भी बहिन, बेटी पर कुछ भी comments दे मारते हैं।
लेकिन जब खुद की बहिन की बारी आती है तो हम बौखला जाते हैं!!!
आखिर क्यों...???
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कुछ लोगों ने college का पर्याय ही मौज-मस्ती बना लिया है।
समझते हैं कि अब घरवालों ने उन्हें मौज-मस्ती का licence दे दिया हो।
खैर; मैं ये नहीं कहता कि college में आकर; मौज-मस्ती बिल्कुल भी ना करो।
अरे भाई करो; लेकिन उतनी ही; कि अगर किसी लड़की के घरवालों को पता भी चल जाए तो वो बौखला ना उठें।
बाकी तो आप खुद समझदार हो।☺
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ये article आपको कैसा लगा...??
कृपया अपने comments के माध्यम से अवश्य बताइयेगा।
जय हिंद।
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इन्हें भी पढ़ें :- 
1.माँ के लिए वास्तविक और दिखावटी प्रेम
2.एक किसान पिता की दुविधा
3.सफलता में बाधा :- ईर्ष्या
4.भगवान की आराधना

Sunday, 11 December 2016

HOW TO FIX OR SOLVE DNS SERVER PROBLEM IN CHROME, FIREFOX

HOW TO FIX OR SOLVE DNS SERVER PROBLEM IN CHROME, FIREFOX (HINDI) 

HOW TO SOLVE THIS TYPE OF PROBLEMS SERVER NOT FOUND OR THIS WEBPAGE IS NOT AVAILABLE 

DNS_PROBE_FINISHED_NXDOMAIN OR DNS PROBE FINISHED NO INTERNET





                                  



IS TARAH KE  ERRORS SHOW HOTE HAI

this site can't be reached
www.google.co.in's server could not be found

Try:

  • Chacking the proxy, firewall and DNS configuration
  • Running windows network diagnostic
   DNS_PROBE_FINISHED_BAD_CONFIG


mein ap logo ko bataunga ki HOW TO FIX DNS_DNS_PROBLEM_FINISHED_NO_INTERNET in chrome. jab bhi ap YOUTUBE ya koi website open karte or browse karte hai yeh error aata hai aj me ap logo is problem ka solution batunga wo bhi step by step


SOLUTION 1:Chnage TCP/IP4 proxy
Step 1: Right click on "windows logo (in windows 8, 8.1,10)" and uske bad "network                                      connections" par click kare aur windows 7 me "network connections" open karne ke liye                      Search Box me type kare "ncpa.cpl"


Step 2: Ab Right click kare active network connection par and click kare properties



Step 3: ab select kare internet protocol version 4 (TCP?IPv4) and uske bad properties par click kare

Step 4: properties par click karene ke bad apke samne ek window opne hogi usme apko select                        krna hai use the following DNS server addresses
  •     Preferred DNS server:8.8.8.8
  •    Alternate DNS server :8.8.4.4

ab "ok" par click kare aur ho gaya


SOLUTION 2: Using command prompt

open command prompt (CMD) admin and run commands jo niche diye hai 

ipconfig/release 

ipconfig/all

ipconfig/flushdns

ipconfig/renew

netsh int ip set dns

netsh winsock reset

ab ap apne computer aur laptop ko RESTART kare

SOLUTION 3:update driver software

Step 1: open run (windows key + R) and type "devmgmt.msc" and click ok

STEP 2: ab apko Network Adapters find karna and usko expand krna hai




Step 3: Right click kare working network Adapter par and fir click kare Update Driver Softwre

Step 4: click kare "browse my computer for driver software"


Step 5: Ab click kare "let me pick from a list of drivers on my computer"
                 select right compatible Network hardware and click Next and uske bad apke samne ek msg                  aayega successful Driver update, and ab apne computer ko RESTART kare