Monday, 2 January 2017

ये जिंदगी है यारो...

ये जिंदगी है यारो...




ये जिंदगी है यारो, यहाँ मौका बार-बार नहीं मिलता।
जो लोग कल की सोचकर काम करते हैं उन्हें वो कल ही नहीं मिलता।।
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मत देख बार बार आईने में अपना चेहरा ए गालिब!!!
क्योंकि खूबसूरती को आईने की जरुरत नहीं होती।
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दूसरों से गुरुर में रहकर बात करते हैं कुछ लोग
शायद कभी उन्हें, उनके गुरु से पाला नहीं पड़ा।
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मत दुखाओ किसी मासूम इंसान का दिल साहिब,
हमेशा याद रखना कि किसी के लिए मासूम तुम भी हो!!!
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जब हो जाए कोई गलती तो बेकार में खुद से मत लड़ना
हमेशा याद रखना कि तजुर्बे तो गलतियों से ही मिलते हैं।
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जब हो जाए गलती किसी दूसरे से, तो उसे भी माफ़ कर देना,
सोच लेना उस वक्त कि जिंदगी तजुर्बे तो उसे भी दे रही है।
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मत बताना हर किसी को अपने दिल का हाल ए गालिब
क्योंकि आप बताकर भूल जाओगे और वो सुनकर याद रख लेंगे
और क्या पता आपकी सुनाई हुई बातें; सब आपको ही सुनाकर; आप पर रौब झाड़ लेंगे।।
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अच्छा किया खुदा ने जो हम कुछ बातों को याद करके भूल जाते हैं
क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो हम अपने पुराने दुखों को लेकर हर वक़्त दुखी ही बने रहते!!
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दुनियां में किसी के लिए सबसे बुरी चीज किसी के लिए सबसे अच्छी हो सकती है!!!
अब 'सुबह' को ही ले लो..!!!
कोई सुबह ना होने का इन्तजार करता है ताकि वो और समय बिस्तर पर गुजार सके..!!!
तो कोई सुबह होने का ही इन्तजार करता है ताकि वो चिड़ियों की मीठी चहचहाट को सुन सके..!!
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जो चीज वाकई अच्छी है तो उसकी तारीफ करो यारो
क्योंकि अच्छी चीजों से जलते तो बुरे इंसान हैं लेकिन हम तो भले हैं...!!!
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आपके भले होने का सबसे बड़ा सुबूत यही है
कि आपने इस poem को पूरा पढ़ा
वरना लोग इन्हें फिजूल की बातें बताकर आगे चले जाते हैं।
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Poem अच्छी लगी हो तो इसे शेयर भी कर देना दोस्तों
क्योंकि अच्छी बातों को शेयर वही लोग करते हैं
जो खुद बदलकर दुनियां में बदलाव चाहते हैं।।
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जय हिंद

Thursday, 29 December 2016

जरा सोचें - एक अनकही कहानी

जरा सोचें - एक अनकही कहानी

अमन अपने कॉलेज में; final year में पढ़ता था।
और वो हमेशा की तरह आये दिन ही मस्ती करता रहता था।
कभी वो अपने junior की ragging करता तो कभी वो अपने कॉलेज की लड़कियों पर भद्दे comments करता।
तो कभी वो किसी लड़की को एकटक होकर घूरता ही रहता।
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खैर; अब उसके कॉलेज की लड़कियों को भी अमन का ये behaviour normal लगने लगा था।
लेकिन जब college में कोई नई लड़की आती तो उसे अमन का ये behaviour बड़ा ही अजीब लगता।
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उसके बारे में सब यही कहते कि ये कब सुधरेगा..??
कोई भला इंसान उसे समझाता भी; तो अमन और उसके दोस्त मिलकर; उसी का मजाक बना देते।
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उसके teachers भी उसकी इन हरकतों से परेशान थे, वो भी कहते कि इस लड़के का कुछ नहीं हो सकता..!!!
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खैर; समय का पहिया घूमते देर नहीं लगती।
ठीक एक बार फिर से समय का पहिया घूमा और अमन की वो loafer type life; change हो गयी।
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सबसे पहले अमन की family से मिलते हैं।

अमन अपनी family के साथ इंदौर में रहता है।और अमन की family में पांच लोग है।
अमन, अमन की माँ, पिता,और दो बहनें; जिनमें से एक की शादी हो चुकी है जो दिल्ली में रहती है जबकि दूसरी बहन उसी की हमउम्र ही है।
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अमन रोजाना की तरह थका हरा अपने college से घर पहुँचा।
घर पहुँचकर उसका चेहरा खिल गया था क्योंकि उसने खुशख़बरी ही कुछ ऐसी सुनी थी।
दरअसल अमन की बड़ी बहन को लड़की हुई थी।
जब उसकी मां और बहन ने अमन को ये खुशखबरी सुनाई तो वह खुशी के मारे उछल पड़ा।
क्योंकि अब उसकी भांजी दुनियां में आ चुकी थी और वह मामा बन चुका था।
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अब अमन को अपनी भांजी का चेहरा देखने की बहुत जल्दी थी।
तो अमन उसी दिन; इंदौर से दिल्ली जाने की जिद करने लगा।
उसकी माँ ने भी; उसे मना नहीं किया लेकिन उन्होंने भी शर्त रख दी कि छोटी बहन को भी साथ ले जाना पड़ेगा।
अमन इस बात पर राजी नहीं हो रहा था क्योंकि वो अकेला ही जाना चाहता था।
माँ के बार-बार बोलने पर उसने हाँ कर दी।
और वो दोनों शाम की train से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
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Train में बहुत भीड़ थी; जिस वजह से उन्हें सीट नहीं मिल पाई।
आगे के स्टेशन पर एक व्यक्ति उनकी birth से उतरा तो सीट पर एक व्यक्ति की जगह खाली हो गई थी जिस पर अमन ने अपनी बहन को बैठा दिया।
और खुद train में खड़ा रहा।
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अचानक अमन की निगाह एक लड़के पर गई जो उसकी बहन को घूर रहा था और वह लड़का ठीक उसी सीट के सामने बैठा था जिस पर अमन की बहन बैठी थी।
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2 मिनट बाद अमन ने फिर देखा लेकिन वह लड़का फिर भी अमन की बहन को घूरे जा रहा था; अमन को ऐसी गुस्सा आ रही थी कि वो उसकी आँखे नोंच ले।
लेकिन फिर भी उसने अपने गुस्से पर काबू किया।
अमन भी एक लड़का था इसलिए वो भाँप गया कि आगे चलकर ये लड़का कुछ ना कुछ हरकत जरूर करेगा।
इसलिए अमन की नजरें उस लड़के की प्रत्येक हरकतों की निगरानी करने लगी थीं।

और अमन ने जो सोचा वो सही निकला अब तो उस लड़के ने हद ही कर दी; ऊपर बैग रखने के बहाने खड़ा हुआ और अपना मोबाइल निकालकर अमन की बहन का फोटो ले लिया।
फोटो लेते समय वो भूल गया कि उसकी flashlight on थी।
अमन ने ये सब देख लिया और उसे पास बुलाते हुए बोला कि भाई फोटो अभी delete कर दे; ठीक रहेगा।
लेकिन वो समझ रहा था कि उसे फोटो लेते हुए किसी ने नहीं देखा तो वह अकड़ते हुए बोला :- फोटो...??? नहीं तो...!!! ये आप क्या बोल रहे हो..??
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अमन ने उसका मोबाइल छुड़ा लिया और फोटो delete करते हुए बोला कि ये क्या था...??
उस लड़के के पसीने छूट गए और माफ़ी मांगते हुए बोला कि गलती हो गई।
खैर; अमन ने उसे माफ़ कर दिया।
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अब वो लड़का अमन की बहन से तो दूर; खुद से नजर नहीं मिला पा रहा था।
वो उस डिब्बे से निकलने के बहाने खोजने लगा था क्योंकि अब वो समझ चुका था कि अब उसकी दाल नहीं गलने वाली।
जैसे ही अमन की नजर उस पर जाती ; उसका चेहरा शर्म से लाल हो जाता।
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खैर, अमन ने यहाँ तो एक भाई होने का फर्ज निभा दिया लेकिन फिर भी वो कहीं न कहीं खुद को guilty feel कर रहा था।
इसलिए नहीं कि उसने उस लड़के को फटकार लगाई; बल्कि इसलिए कि college में वो ऐसा खुद करता था।
अब अमन human behaviour को समझने लगा था; उसने जाना कि किस तरह लड़कियों के घर वाले उन्हें कॉलेज भेजते हैं और किस तरह हम जैसे loafer उनकी नजरें झुका देते हैं।
शायद हम जैसे loafer की वजह से ही कुछ लोग अपनी बेटियों को college में admission कराने से डरते हैं; वो डरते हैं कि हमारी बेटी college में पहुंचकर उन लोफरों का सामना कैसे करेगी..??
शायद हमारी वजह से ही कुछ काबिल लड़कियाँ कॉलेज में admission नहीं ले पातीं।
इन सबके दोषी हम जैसे लड़के ही हैं।
अमन को आत्मबोध हो चुका था और मन ही मन उसने अपना एक status सा बना डाला कि "अब मेरी नजरों की इतनी औकात नहीं कि कभी घूर सके किसी लड़की को; हमेशा याद रहेगा कि खुदा ने एक बहिन मुझे भी दी है।"
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और इस तरह अमन ने खुद की वो loafer type life change कर डाली।
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Friends, अक्सर ऐसा हम भी करते हैं ; जब हम घर से दूर जाते हैं तो अपनी family को भूल जाते हैं, और दूसरों की family हमें आवारा लगने लगती है फिर हम अपने दोस्तों के साथ मिलकर; किसी की भी बहिन, बेटी पर कुछ भी comments दे मारते हैं।
लेकिन जब खुद की बहिन की बारी आती है तो हम बौखला जाते हैं!!!
आखिर क्यों...???
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कुछ लोगों ने college का पर्याय ही मौज-मस्ती बना लिया है।
समझते हैं कि अब घरवालों ने उन्हें मौज-मस्ती का licence दे दिया हो।
खैर; मैं ये नहीं कहता कि college में आकर; मौज-मस्ती बिल्कुल भी ना करो।
अरे भाई करो; लेकिन उतनी ही; कि अगर किसी लड़की के घरवालों को पता भी चल जाए तो वो बौखला ना उठें।
बाकी तो आप खुद समझदार हो।☺
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ये article आपको कैसा लगा...??
कृपया अपने comments के माध्यम से अवश्य बताइयेगा।
जय हिंद।
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इन्हें भी पढ़ें :- 
1.माँ के लिए वास्तविक और दिखावटी प्रेम
2.एक किसान पिता की दुविधा
3.सफलता में बाधा :- ईर्ष्या
4.भगवान की आराधना

Sunday, 11 December 2016

HOW TO FIX OR SOLVE DNS SERVER PROBLEM IN CHROME, FIREFOX

HOW TO FIX OR SOLVE DNS SERVER PROBLEM IN CHROME, FIREFOX (HINDI) 

HOW TO SOLVE THIS TYPE OF PROBLEMS SERVER NOT FOUND OR THIS WEBPAGE IS NOT AVAILABLE 

DNS_PROBE_FINISHED_NXDOMAIN OR DNS PROBE FINISHED NO INTERNET





                                  



IS TARAH KE  ERRORS SHOW HOTE HAI

this site can't be reached
www.google.co.in's server could not be found

Try:

  • Chacking the proxy, firewall and DNS configuration
  • Running windows network diagnostic
   DNS_PROBE_FINISHED_BAD_CONFIG


mein ap logo ko bataunga ki HOW TO FIX DNS_DNS_PROBLEM_FINISHED_NO_INTERNET in chrome. jab bhi ap YOUTUBE ya koi website open karte or browse karte hai yeh error aata hai aj me ap logo is problem ka solution batunga wo bhi step by step


SOLUTION 1:Chnage TCP/IP4 proxy
Step 1: Right click on "windows logo (in windows 8, 8.1,10)" and uske bad "network                                      connections" par click kare aur windows 7 me "network connections" open karne ke liye                      Search Box me type kare "ncpa.cpl"


Step 2: Ab Right click kare active network connection par and click kare properties



Step 3: ab select kare internet protocol version 4 (TCP?IPv4) and uske bad properties par click kare

Step 4: properties par click karene ke bad apke samne ek window opne hogi usme apko select                        krna hai use the following DNS server addresses
  •     Preferred DNS server:8.8.8.8
  •    Alternate DNS server :8.8.4.4

ab "ok" par click kare aur ho gaya


SOLUTION 2: Using command prompt

open command prompt (CMD) admin and run commands jo niche diye hai 

ipconfig/release 

ipconfig/all

ipconfig/flushdns

ipconfig/renew

netsh int ip set dns

netsh winsock reset

ab ap apne computer aur laptop ko RESTART kare

SOLUTION 3:update driver software

Step 1: open run (windows key + R) and type "devmgmt.msc" and click ok

STEP 2: ab apko Network Adapters find karna and usko expand krna hai




Step 3: Right click kare working network Adapter par and fir click kare Update Driver Softwre

Step 4: click kare "browse my computer for driver software"


Step 5: Ab click kare "let me pick from a list of drivers on my computer"
                 select right compatible Network hardware and click Next and uske bad apke samne ek msg                  aayega successful Driver update, and ab apne computer ko RESTART kare

Tuesday, 15 November 2016

प्रेरणादायक कविता - जब हम किसी से

जब हम....



जब हम किसी से पहली बार गर्मजोशी से मिलते हैं तो उसकी नजर में हम हमेशा के लिए एक active और मिलनसार व्यक्ति बन जाते हैं
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जब हम किसी असहाय व्यक्ति की help कर देते हैं तो उस व्यक्ति की नजरों में हम हमेशा के लिए अच्छे बन जाते हैं
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जब हम किसी भूखे बच्चे को खाना खिलाते हैं तो वहां उपस्थित लोगों की नजरों में हम रहमदिल बन जाते हैं।
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जब हम अपने हक के लिए लड़ते हैं तो हमारे समाज की नजरों में हम एक जागरूक व्यक्ति बन जाते हैं
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जब हम किसी को गालियाँ देते हैं तो वहाँ उपस्थित बड़ों की नज़रों में हम असभ्य बन जाते हैं
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जब हम किसी को कुछ आसानी से दे देते हैं तो उसकी नजरों में हम एक मददगार व्यक्ति बन जाते हैं।
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जब हम किसी से; हमेशा अपने मद में रहकर बात करते हैं तो हम घमंडी बन जाते हैं
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और
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जब हम किसी से बहुत प्यार से बात करते हैं तो हम उनकी नजरों में एक दिलदार व्यक्ति बन जाते हैं।
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ये हम ही हैं जो जिस स्थिति में होते हैं तो लोग उसी स्थिति में देखकर हमारे लिए एक दृष्टिकोण decide कर देते हैं कि हम ऐसे हैं...
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जब हम किसी की नजरों में एक बार बुरे बन जाते हैं तो ज़िन्दगी गुजर जाती है कि फिर हम कभी उनकी नजरों में अच्छे बन सकें।
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इसलिए दोस्तों; अपनी life में कभी किसी के साथ ऐसा कार्य ना करो; ऐसी स्थिति बयां ना करो जिससे कि लोगों के मन में आपके प्रति एक नकारात्मक दृष्टिकोण बन जाए।
बाकी तो आप खुद समझदार हो।
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जय हिंद।

Saturday, 12 November 2016

Inspiration line in hindi....we want from world while...

हम दुनियाँ से...


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हम दुनियाँ से सच की उम्मीद रखते हैं जबकि खुद ही मिला-मिला कर झूठ बोलते हैं..!!
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हम दुनियाँ से शांति चाहते हैं जबकि घर पर हमारी कोई चीज खो जाने पर; खुद ही अशांति फैलाते हैं।
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हम दुनियाँ से भ्रष्टाचार का अंत चाहते हैं जबकि पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर, उन्हें 100₹ का नोट थमाकर, खुद ही भ्रष्टाचार फैलाते हैं।
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हम दुनियां से हमेशा न्याय चाहते हैं जबकि जहाँ खुद का फायदा दिखता हो, वहाँ दूसरों के साथ अन्याय कर देते हैं।
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हम दुनियाँ से चाहते हैं कि वो हमारे काम में टाँग ना अड़ाए जबकि हम खुद किसी सफल व्यक्ति को आगे नहीं बढ़ने देते।
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हम दुनियाँ से चाहते है सभी प्रेम से रहें जबकि खुद दूसरों की सफलता से ईर्ष्या करते है।
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यही जिंदगी की सच्चाई है मेरे दोस्त, हम दूसरों में बड़ा बदलाव देखना चाहते हैं जबकि खुद नहीं बदलते।
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हर कोई सोचता है कि सामने वाला पहले बदले; जब हर कोई यही सोचेगा तो पहले बदलेगा कौन..???
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ये जिंदगी का एक चक्रव्यूह है दोस्तों, चक्रव्यूह कितना मजबूत है या कमजोर...!!!
इसे तभी जान पाओगे जब खुद इसके अंदर घुस कर जाओगे।
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हम चाहते हैं कि पहले दुनियां बदले लेकिन दुनियां तभी बदलेगी जब हम खुद बदलेंगे।
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जो काम की पहले शुरुआत कर देता है वही उस mission का founder बन जाता है।
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दुनियाँ में भेड़ चाल तो सभी चल रहे हैं लेकिन आओ हम एक शेर बनें और दुनियां को हम अपनी शेर चाल चलाएं फिर हमारी वो चाल एक mission बन जायेगी और हम उसके founder.
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जय हिंद।
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इन्हें भी पढ़ें :- Heart touching poem....दुःख इस बात का नहीं कि..!!!
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Article....एक किसान पिता की दुविधा
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Article....सफलता में बाधा :- ईर्ष्या
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Article....एक कदम आगे

Monday, 7 November 2016

Heart touching poem in hindi

दुःख इस बात का नहीं कि....

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दुःख इस बात का नहीं कि तुम नफरत करते हो मुझसे बल्कि दुःख तो इस बात का है कि मैंने अपने अंदर की उस कमी को पहिचाना क्यों नहीं..??
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दुःख इस बात का नहीं कि तुमने धोखा दिया मुझको बल्कि दुःख तो इस बात का है कि मैं अब यकीन करूँगा किसपे..??
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दुःख इस बात का नहीं कि तुम मामूली इंसान समझते हो मुझे बल्कि दुःख तो इस बात का है कि तुम इंसान को मामूली; समझते क्यों हो..??
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दुःख इस बात का नहीं कि तुम हमेशा नजरअंदाज करते हो मुझे बल्कि दुःख तो इस बात का है कि तुमने मुझे ठीक से पहिचाना क्यों नहीं..???
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दुःख इस बात का नहीं कि तुम्हें मेरी सूरत पसंद नहीं बल्कि दुःख तो इस बात का है कि तुम इंसान का व्यवहार देखते क्यों नहीं..??
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दुःख इस बात का नहीं कि अब तुमने बात करना छोड़ दिया मुझसे बल्कि दुःख तो इस बात का है कि आखिर तुमने मुझे वह कारण बताया क्यों नहीं..??
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दुःख इस बात का नहीं तुमने दोस्ती तोड़ दी मेरी बल्कि दुःख तो इस बात का है कि अब मैं इतनी पुरानी दोस्ती करूँगा किससे..??
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नोट :- यह poem उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है; जो समझते हैं कि जिंदगी में अब सबने उनका साथ छोड़ दिया है।
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यह poem आपको कैसी लगी; कृपया अपने comments के जरिये अवश्य बताइयेगा।
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जय हिंद।

Friday, 4 November 2016

How to reduce traffic jam

अगर आप traffic jam से परेशान हैं तो अपनाएं यह तरीका


Traffic jam को कम करने का यह तरीका थोड़ा complicated है लेकिन effective है अगर नीचे दिए गए rules पर थोड़ा गौर किया जाए तो traffic काफी हद तक कम हो सकता है।
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●आज अपने भारत के सभी शहर यातायात अवरोध (traffic jam) की समस्या से जूझ रहे हैं फिर चाहे वो शहर मुम्बई हो या दिल्ली।
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इसीलिए आज इस topic पर बात करना बहुत आवश्यक हो गया है।
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यहाँ Traffic jam से जुड़े तथ्यों को सिर्फ 6 step में समझा जा सकता है और शायद उनसे छुटकारा भी पाया जा सकता है.!!
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☞Step 01. आखिर सड़कों पर traffic jam क्यों हो जाता है??
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☞Step 02. Traffic jam से अधिक परेशानी किन लोगों को होती है।
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☞Step 03. सड़कों पर हो रहे इस traffic jam का जिम्मेदार कौन है..??
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☞Step 04. Traffic jam को कैसे कम किया जा सकता है या इसको कम करने के क्या उपाय हैं??
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☞Step 05. Traffic jam को कम करने के लिए हमें किस वाहन का उपयोग करना चाहिए..??
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☞Step 06. आज traffic jam किन लोगों की बदौलत फिर भी कम है..??

अब इन सभी प्रश्नों के उत्तर हम one by one समझते हैं:-
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☞Step 01. आखिर सड़कों पर traffic jam क्यों हो जाता है??
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मुख्यतः सड़कों पर traffic jam होने का कारण; तेजी से बढ़ती जनसंख्या और वाहन ही हैं, अगर बात दिल्ली की; की जाए तो वहां metro चलने के बावजूद भी किसी और शहर से अधिक traffic है।
जहाँ मेट्रो किसी स्थान पर पहुंचने में 20 मिनट ही लेती है, वहीं बस 45 मिनट से कम नहीं लेती।
यह जो 25 मिनट का फासला है वो किसी speed वगैरह की वजह से नहीं बल्कि traffic के कारण ही है।
Traffic jam होने का कारण; सिर्फ बढ़ती हुई जनसंख्या ही नहीं है बल्कि वो लोग भी हैं जो कहीं अकेले जाते हैं और वो bus या auto से जाने की बजाय अपनी कार ले जाने का कदम उठाते हैं और फिर traffic jam हो जाता है।
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☞ Step 02. Traffic jam से अधिक परेशानी किन लोगों को होती है।
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वैसे traffic jam से परेशानी तो सभी लोगों को ही होती है लेकिन यहाँ सिर्फ परेशानी की नहीं बल्कि अधिक परेशानी की बात की जा रही है तो बता दूं कि Traffic jam से; अधिक परेशानी उन लोगों को होती है जिनके पास समय बहुत कम होता है और जाहिर सी बात है ऐसे लोग उच्चवर्गीय परिवारों से belong करते हैं।
इसीलिए traffic jam से अधिक परेशानी उच्चवर्गीय परिवार (अमीरों) को ही होती है।
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☞ Step 03. सड़कों पर हो रहे इस traffic jam का जिम्मेदार कौन है..??
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वे सभी लोग; जो कहीं अकेले जाते हैं तो bus या auto का use ना करके स्वयं की कार ले जाते हैं।
और traffic jam करवा देते हैं।
इसीलिए traffic jam के जिम्मेदार वो लोग हैं जो अकेले के लिए भी स्वयं की car लेकर निकल पड़ते हैं।
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☞ Step 04. Traffic jam को कैसे कम किया जा सकता है या इसको कम करने के क्या उपाय हैं??
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Traffic jam को कम करने का सबसे आसान जो उपाय है वो यह कि traffic rules को follow किया जाए।
अगर traffic rules को follow करने के बावजूद भी traffic jam कम होने में कोई बदलाव नहीं दिखता है तो ये एक serious problem है।
खैर, traffic jam को reduce करने का मैंने जो तरीका खोजा है शायद वो आप पहले से जानते हों लेकिन मानते ना हों।
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तरीका :- 
1. अकेले कहीं जाने के लिए कभी कार का उपयोग ना करें क्योंकि चार ऐसे लोग; जो खुद की कार लेकर सड़कों पर निकल पड़ते हैं फिर सडकों पर 4 कार दौड़ रहीं होती हैं और प्रत्येक कार में सिर्फ एक-एक व्यक्ति ही होता है जबकि वही चार लोग अगर अपनी-अपनी कार से जाने की बजाय एक auto से जाएँ तो सड़क पर एक कार की जगह एक auto लेगा और बाकी तीन कारों की जगह रिक्त हो जायेगी।
और इस तरह traffic jam तीन गुना तक कम हो जायेगा।
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2. आप कितने भी अमीर क्यों ना हों..??
अगर traffic jam कम कराने का हौंसला रखते हो तो जब कभी भी कहीं अकेले जाना हो तो कार (4-wheeler) का use ना करें बल्कि bus, auto या public transport का ही use करें।
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और हाँ; अगर आप auto का use करते हैं तो पैसे के दम पर कभी उसे अकेले के लिए book ना करें क्योंकि auto में चार लोगों के बैठने की पर्याप्त जगह होती है और ऐसे में अगर आप अकेले के लिए ऑटो book कर लेते हैं तो बाकी के तीन लोगों को दूसरी auto से जाना पड़ेगा और फिर वही traffic jam की समस्या आ खड़ी होगी।
आपको traffic को कम करवाना है ना कि auto book करके; comfort होकर traffic को बढ़ावा देना है।
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☞ Step 05. Traffic jam को कम करने के लिए हमें किस वाहन का उपयोग करना चाहिए..??
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कुछ उच्चवर्गीय लोग auto, bus या metro से जाने में अपनी तौहीन समझते हैं।
वो समझते हैं कि जब मेरे पास खुद का वाहन है तो bus वगैरह से क्यों जाएँ??
सही बात है; अगर आपको Traffic jam से कोई problem नहीं आती तो आप ख़ुशी-खुशी अपने वाहन से ही जा सकते हैं लेकिन अगर आपको traffic jam; एक serious problem लगती है और इससे मुक्ति पाना भी चाहते हैं तो आपको अकेले के लिए कार ना ले जाकर metro या bus से ही जाना होगा; बाकी reason तो आप जान ही चुके हैं कि क्यों जाना होगा..???
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☞ Step 06. आज traffic jam किन लोगों की बदौलत फिर भी कम है..??
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कुछ लोगों के पास समय बहुत कम होता है और traffic jam लगने पर बस या ऑटो वालों को दोषी ठहराते हैं; जबकि खुद car में अकेले बैठे रहते हैं और traffic jam का कारण बनते हैं।
अगर शहर में bus या auto चलाने पर प्रतिबन्ध लगा दिया जाए तो प्रत्येक व्यक्ति स्वयं का वाहन खरीदने की जद्दोजहद में लग जाएगा।
फिर एक समय ऐसा आएगा कि सभी के पास वाहन तो पर्याप्त होंगे लेकिन उन्हें चलाने के लिए सड़कें नहीं होगीं।
इसीलिए आज ऑटो या बस चलाने वालों का शुक्रिया अदा करो क्योंकि इन लोगों के दम पर ही आज सड़कें फिर भी फ्री हैं वरना सड़कों पर traffic इतना अधिक हो जाता कि जो footpath; लोगों के पैदल चलने के लिए बनाये जाते हैं उन पर फिर बाइक या साईकल दौड़ने लगती और फिर सड़कों पर पैदल चलने के लिए तो क्या पैर रखने के लिए भी जगह नहीं मिलती।
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So friends, my humble request please follow these guidelines.
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और हाँ, शुरुआत भी खुद से ही करनी पड़ती है बाकी तो आप खुद ही समझदार हो।
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Thankyou
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तो friends ये थे traffic jam को समझने और उनसे उबरने के 6 Steps.
Traffic jam से मुक्ति पाने का ये तरीका आपको कैसा लगा; कृपया अपने comments के जरिये हमें बताइये ताकि हम ऐसे और भी article लिखने की कोशिश करें।
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जय हिंद।